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अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहा है तो आप निमà¥à¤¨ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ कà¥à¤› घरेलॠउपायों की मदद से इस समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकते हैं।
à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करवाà¤à¤‚ –
अगर शिशॠको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो à¤à¤¸à¥‡ में आप शिशॠके पैरों को हलà¥â€à¤•े से हिलाà¤à¤‚। आप उसके पैरों को साइकिल के मोशन में à¤à¥€ चला सकते हैं। कबà¥â€à¤œ से राहत पाने का यह सबसे आसान तरीका है। आप इस तरीके को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार दें –
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ खाना लेता हैं तो à¤à¤¸à¥‡ में आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ को फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार देना चाहिà¤, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ में आराम मिल जायगा। à¤à¤¸à¥‡ में आप बचà¥à¤šà¥‡ को सेब दे सकते हैं। सेब में मौजूद घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर याâ€à¤¨à¥€ पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ कबà¥â€à¤œ के इलाज में लाà¤à¤•ारी होता है। आप सेब के छिलके साथ जूस निकाल कर शिशॠको दे सकती हैं। दिन में दूध की बोतल में à¤à¤• बार सेब का रस पिलाने से कबà¥â€à¤œ ठीक हो जाता है।
हाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ –
यà¥à¤µà¤¾ शिशà¥à¤“ं को आमतौर पर पूरक तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह सà¥à¤¤à¤¨ के दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला से अपना जलयोजन पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं। हालांकि, कबà¥à¤œ वाले शिशà¥à¤“ं को अतिरिकà¥à¤¤ तरल की थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ से लाठहो सकता है। बाल रोग विशेषजà¥à¤ž कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पानी या, कà¤à¥€-कà¤à¥€, फलों के रस को जोड़ने की सलाह देते हैं, जब वे 2-4 महीने से अधिक उमà¥à¤° के होते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कबà¥à¤œ होता है।
à¤à¤• गरà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ –
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को गरà¥à¤® पानी से नहलाने से उसके पेट की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है और उसे तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। यह कबà¥à¤œ से संबंधित कà¥à¤› परेशानी को à¤à¥€ दूर कर सकता है।
शà¥à¤¦à¥à¤§ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें –
यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने से अधिक का है और उसने अà¤à¥€ तक ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं किया है, तो ऊपर सूचीबदà¥à¤§ कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को उनके शà¥à¤¦à¥à¤§ रूप में आज़माà¤à¤à¥¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ अधिक पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक फाइबर होता है जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मल में à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ करेगा। कà¥à¤› मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने में मदद करने के लिठदूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बेहतर होते हैं।
नारियल का तेल –
कबà¥â€à¤œ के घरेलू उपाय में नारियल तेल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¥€ किया जा सकता है। 6 महीने से अधिक उमà¥à¤° के शिशॠके खाने में दो या तीन मि।ली नारियल तेल मिला सकते हैं। अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ 6 महीने सेकम है तो उसकी गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास नारियल तेल लगाà¤à¤‚। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नारियल का पानी à¤à¥€ दे सकते हैं।
दवाà¤à¤‚ –
उपचार आमतौर पर घरेलू उपचार की मदद से ही छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो जाती है। लेकिन, अगर बचà¥à¤šà¥‡ को घरेलॠउपायों से आराम न मिले तो à¤à¤¸à¥‡ में आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित दवाà¤à¤‚ देने की सलाह दे सकते हैं। शिशॠको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने के लिठदà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ही दवाà¤à¤‚ दी जाती है। दवाओं या उपचार में शामिल है :-
रेचक Laxatives
à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤¾ Enemas
सपोजिटरी Suppositories
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